Apan Jayal

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मंगलवार, 20 सितंबर 2016

लकवाग्रस्त इंसान आता है, पर पैरों पर चल कर जाता है

राजस्थान की धरती के इतिहास में चमत्कार के अनेक ऐसे उदाहरण भरे पड़े हैं जिसके सामने विज्ञान भी नतमस्तक है। ऐसा ही उदाहरण नागौर से 40 किलोमीटर दूर स्तिथ ग्राम बुटाटी में देखने को मिलता है। यहां एक ऐसा मंदिर है, जिसके बारे में कहा जाता है कि अगर यहां कोई लकवाग्रस्त इंसान आता है, तो अपने पैरों पर चल कर यानि बिलकुल ठीक होकर वापस जाता है।
आस्‍था का प्रतीक श्री चतुरदासजी महाराज का मन्दिर, बुटाटी

इस मंदिर को 'चतुरदास जी महाराज' मंदिर के नाम से जाना जाता है। यहां कोई पंडित या डॉक्टर नहीं बल्कि, यहां लगातार 7 दिन पीडि़त व्यक्ति को मंदिर की परिक्रमा करनी होती है। इसके साथ ही वहां मौजूद हवन से भभूति लेकर शरीर पर लगानी होती है। जिससे ही मरीज़ की हालत में सुधार आने लगता है।
लगभग 5000 सालों पुराना इतिहास समेटे इस स्थान पर पहले संत चतुरदास जी तपस्या करते थे। घोर तपस्या कर उन्होंने रोगियों को रोगमुक्त करने की सिद्धि प्राप्त की थी। इसी कारण लोगों की मान्यता इस मंदिर से जुड़ गई।
जो लोग यहां इलाज करवाने आते हैं उनके रहने और खाने की व्यवस्था निशुल्क है। इस मंदिर से कई लोग ठीक होकर गये हैं। भक्तों द्वारा दिए दान से ही उनके रहने और खाने की व्यवस्था की जाती है।