Apan Jayal

जायल में आपका हार्दिक स्‍वागत दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं


शुक्रवार, 10 अगस्त 2012

कृष्ण जन्माष्टमी पर मोदी ने उठाया गौहत्या का मुद्दा


गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने गौहत्या के मुद्दे को अपने ब्लॉग के जरिए उठाकर यूपीए पर निशाना साधने की कोशिश की है। 
मोदी ने अपने ताजा ब्लॉग कहा है कि 'पिंक रिवोल्यूशन' के जरिए यूपीए भारत को विश्व का सबसे बड़ा बीफ एक्सपोर्टर बनाना चाहता है जबकि गाय को भारत में धार्मिक रूप से अहम दर्जा प्राप्त है। 
अपने ताजा ब्लॉग पोस्ट में मोदी ने पहले तो देशवासियों को कृष्ण जन्माष्टमी की बधाइयां दी और फिर गौहत्या को मुद्दा बनाकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। मोदी ने अपने ब्लॉग में कहा कि भगवान कृष्ण को भी गायों से प्रेम था। 
मोदी ने कहा, 'मझे यह देखकर दुख होता है कि केंद्र में कांग्रेस नेतृत्व में चल रही यूपीए सरकार गौहत्या को बढ़ावा दे रही है और भारत में पिंक रिवोल्यूशन शुरु करना चाह रही है। हमारी संस्कृति और इतिहास हमें गाय मां की हत्या करना नहीं सिखाता है लेकिन दुख की बात यह है कि यूपीए को भारत की संस्कृति की चिंता नहीं है। महात्मा गांधी और आचार्य विनोवा भावे ने गाय को बचाने के लिए भरसक प्रयास किए लेकिन मौजूदा सरकार उनके सबक को भूल गई है।'
मोदी ने कहा, हमारी मौजूदा पीढ़ि को घी-दूध नहीं मिल रहा है और हमारे बच्चे को पोषण नहीं मिल पा रहा है और यह सरकार गौ हत्या को बढ़ावा दे रही है। मोदी ने कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर लोगों से गौरक्षा करने की अपील भी की। 
यह सही है कि जल्द ही भारत बीफ एक्सपोर्ट में विश्व में नंबर एक पर हो सकता है लेकिन मोदी यह भूल गए की भारत में भैंसों के मीट को एक्सपोर्ट करने के मामले में आगे है न की गाय के। 
गौरतलब है कि देशभर में भैंसों गायों का स्थान ले रहीं हैं। इसका कारण यह है कि भैंसें दूध भी ज्यादा देती हैं और भैंसों के काटने पर भी कोई पाबंदी नहीं है। चौंकाने वाली बात यह है कि गायें उन प्रदेशों में सबसे कम पाली जा रहीं हैं जिनमें गायों के काटने पर पाबंदी हैं। 

गुरुवार, 9 अगस्त 2012

कृष्ण जन्माष्टमी कल


श्री कृष्णजन्माष्टमी भगवान श्री कृष्ण का जनमोत्स्व है। योगेश्वर कृष्ण के भगवद गीता के उपदेश अनादि काल से जनमानस के लिए जीवन दर्शन प्रस्तुत करते रहे हैं। जन्माष्टमीभारत में हीं नहीं बल्कि विदेशों में बसे भारतीय भी इसे पूरी आस्था व उल्लास से मनाते हैं। श्रीकृष्ण ने अपना अवतार भाद्रपद माह की कृष्ण पक्ष की अष्टमी को मध्यरात्रि को अत्याचारीकंस का विनाश करने के लिए मथुरा में लिया। चूंकि भगवान स्वयं इस दिन पृथ्वी पर अवतरित हुए थे अत: इस दिन को कृष्ण जन्माष्टमी के रूप में मनाते हैं। इसीलिए श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर मथुरा नगरी भक्ति के रंगों से सराबोर हो उठती है।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन मौके पर भगवान कान्हा की मोहक छवि देखने के लिए दूर दूर से श्रद्धालु आज के दिन मथुरापहुंचते हैं। श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर मथुरा कृष्णमय हो जात है। मंदिरों को खास तौर पर सजाया जाता है। ज्न्माष्टमी में स्त्री-पुरुष बारह बजे तक व्रत रखते हैं। इस दिन मंदिरों में झांकियां सजाई जाती है और भगवान कृष्ण को झूला झुलाया जाता है। और रासलीला का आयोजन होता है।

11 माह में बिजली का यह दूसरा झटका

जयपुर। छीजत, चोरी व कुप्रबंधन के चलते घाटे में डूबी बिजली कम्पनियों ने एक बार फिर अपना भार जनता पर डाल दिया है। बिजली की दरें 25 पैसे से 80 पैसे प्रति यूनिट तक बढ़ा दी गई हैं। घाटे को कम करने के लिए बिजली चोरी रोकने की कोई कवायद करने के बजाय ईमानदारी से बिल भरने वाले उपभोक्ताओं पर ही ठीकरा फोड़ दिया गया। आम जनता की जेब पर 11 माह के अंतराल में बिजली का यह दूसरा झटका है। राजस्थान विद्युत विनियामक आयोग ने बिजली कम्पनियों की दरों की समीक्षा याचिका पर बुधवार को फैसला सुनाते हुए बिजली के दामों में करीब 18.58त्न की बढ़ोतरी की है।
घरेलू उपभोक्ता पर सर्वाधिक मार
आयोग के फैसले की सर्वाधिक मार घरेलू उपभोक्ताओं पर पड़ी है, जिनके अंतिम स्लेब में 80 पैसे प्रति यूनिट बढ़ाए गए हैं। उद्योगों पर भी 50 पैसे प्रति यूनिट तक की बढ़ोतरी की गई है। बिजली कम्पनियों के गठन के बाद ये चौथी बार दरों में बढ़ोतरी की गई है।
किसानों व गरीबों का भार उठाएगी सरकार-गहलोत
यूं तो किसानों पर 25 पैसे प्रति यूनिट और बीपीएल पर प्रथम 50 यूनिट पर 50 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी का भार डाला गया था। मगर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने घोषणा की है कि ये भार सरकार सब्सिडी के रूप में वहन करेगी। गरीब परिवारों और किसानों को पुरानी दर पर ही बिजली मिलती रहेगी। सरकार के मुताबिक नई दरों के बावजूद किसानों, बीपीएल परिवारों व 50 यूनिट तक उपभोग करने वाले परिवारों समेत कुल 56.47 लाख उपभोक्ताओं पर कोई भार नहीं पड़ेगा।

सोमवार, 6 अगस्त 2012

संस्कृत विद्यालय को क्रमोन्नत करवाने के लिए उच्चस्तर तक बात पहुंचाई जाएगी

जायल। संस्कृत भाषा को देववाणी व सभी भाषाओं की जननी कहा जाता है लेकिन संस्कृत शिक्षा के प्रति सरकारी बेरूखी के चलते विद्यार्थी संस्कृत शिक्षा ग्रहण नहीं कर पाते  है । जायल का संस्कृत उच्च प्राथमिक विद्यालय वर्षो से प्रवेशिका माध्यमिक स्तर तक क्रमोन्नति की बाट जो रहा है। राजोद रोड सुवादियाबास में 1995 में स्थापित संस्कृत विद्यालय में 85 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। उच्च प्राथमिक के बाद संस्कृत शिक्षण की व्यवस्था नहीं होने पर अधिकांश विद्यार्थी चाहकर भी संस्कृत में अध्ययन नहीं कर पाते हैं।
विद्यालय में चार शिक्षक कार्यरत है लेकिन चहार दीवारी के अभाव में आवारा पशु घुस आते  है । पौधरोपण व खेल मैदान सहित कई संसाधन चहार दीवारी के अभाव में बाधित हैं। प्रधानाध्यापक गणपत मेघवाल ने बताया कि विद्यालय को प्रवेशिका माध्यमिक स्तर तक क्रमोन्नत करवा दिया जाए तो अध्ययनरत विद्यार्थी सहित नए विद्यार्थी भी संस्कृत में अध्ययन कर सकते हंै। शिक्षक मदनलाल स्वामी ने बताया कि संस्कृत शिक्षण के लिए कई युवा इच्छुक हैं लेकिन शिक्षण सुविधा के अभाव में अध्ययन नहीं कर पाते हैं। माध्यमिक व उच्च माध्यमिक के अभाव में महज उच्च प्राथमिक स्तर तक संस्कृत शिक्षा प्राप्त करने से कोई फायदा नहीं मिल रहा है। 

संस्कृत शिक्षा के प्रति उपेक्षा
जानकारी के अनुसार जिलेभर में संस्कृत शिक्षण के लिए वरिष्ठ उपाध्याय उज्ज माध्यमिक स्तर तक महज दो व प्रवेशिका माध्यमिक स्तर तक के तीन विद्यालय  है । संस्कृत शिक्षा के अभाव में जिले के विद्यार्थी संस्कृत शिक्षक, पांडित्य, वेद उपनिषद व परम्परागत ज्ञान, ज्योतिष, आयुर्वेद सहित अनेक विधाओं की जानकारी व रोजगार से वंचित रह रहे हैं। इस संबंध में एनएसयूआई ब्लॉक अध्यक्ष पवन बटेसर ने बताया कि संस्कृत विद्यालय को क्रमोन्नत करवाने के लिए राज्यमंत्री सहित उच्चस्तर तक बात पहुंचाई जाएगी।
क्षेत्रवासियों को संस्कृत शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिए संगठन अभियान शुरू करेगा। छात्र नेता सुरेश लोमरोड़ ने बताया कि सरकार उर्दू शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रतिवर्ष करोड़ों रूपए खर्च कर रही है लेकिन परम्परागत संस्कृत भाषा की उपेक्षा कर रही है। जिले में संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए व्यापक जनआन्दोलन शुरू किया जाएगा। भाजयुमो के मण्डल उपाध्यक्ष गोविन्द चतुर्वेदी व नेहरू युवा मण्डल अध्यक्ष ललित खण्डेलवाल ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर संस्कृत पाठशाला को क्रमोन्नत करवाने का आग्रह किया है। 
Source : Patrika